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राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न १. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) क्या है ?
उत्तर : राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) एक राष्ट्रव्यापी निधि अंतरण प्रणाली है जो एक बैंक शाखा से किसी अन्य बैंक शाखा में निधियों का अंतरण करने की सुविधा देती है. 

प्रश्न २. क्या प्रणाली में सभी बैंक शाखाएँ निधि अंतरण नेटवर्क का हिस्सा होती हैं ? 
उत्तर : नहीं. ३१ जनवरी, २००७ तक ५३ बैंकों की १८५०० शाखाएँ इसमें भाग ले रही थीं. बैंकों और शाखाओं, दोनों के इस दायरे को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. 

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक 
भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (आईडीबीआई) का गठन भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम 1964 के तहत एक वित्तीय संस्था के रूप में हुआ था और यह भारत सरकार द्वारा जारी 22 जून 1964 की अधिसूचना के द्वारा 01 जुलाई 1964 से अस्तित्व में आया. इसे कंपनी अधिनियम,1956 की धारा 4 ए के प्रावधानों के अंतर्गत एक सार्वजनिक वित्तीय संस्था का दर्ज़ा प्राप्त हुआ. सन् 2004 तक यानी, 40 वर्षों तक इसने वित्तीय संस्था के रूप में कार्य किया और 2004 में इसका रूपांतरण एक बैंक के रूप में हो गया. 

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नाबार्ड - सामान्य जानकारी

नाबार्ड - सामान्य जानकारी

उद्भव  Genesis

 
 
 
 

 

संसद द्वारा पारित अधिनियम के तहत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना 12 जुलाई 1982 को की गई. नाबार्ड बनने के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक के कृषि ऋण कार्य और तत्कालीन कृषि पुनर्वित्त और विकास निगम (कृपुविनि) के पुनर्वित्त कार्य, नाबार्ड को अंतरित कर दिए गए.

 
ध्येय  Mission
 

 

भारतीय स्टेट बैंक - कार्य एवं कर्तव्य

भारतीय स्टेट बैंक

भारतीय स्टेट बैंक - कार्य एवं कर्तव्य

संबंधित जानकारी के लिए आम जनता बैंक की वेबसाइट में हमारे बारे में , भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 एवं संगठनात्मक संरचना खंड देखे।

शाखाओं में कार्यरत बैंक के सहायक प्रबंधक से उप महाप्रबंधक श्रेणाी तक के सभी अधिकारियों को उनके पद के आधार पर कतिपय वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के अधिकारियों को वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन का निर्णय केंद्रीय बोर्ड द्वारा किया जाता है। संगठन की जरूरतों एवं सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के आधार पर समय-समय पर इन अधिकारों में संशोधन किया जाता है।

भारतीय रिज़र्व बैंक कार्य

भारतीय रिज़र्व बैंक कार्य

स्थापना

भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 1935 को हुई।

रिज़र्व बैंक का केंद्रीय कार्यालय प्रारंभ में कोलकाता में स्थपित किया गया था जिसे 1937 में स्थायी रूप से मुंबई में स्थानांतरित किया गया। केंद्रीय कार्यालय वह कार्यालय है जहां गवर्नर बैठते हैं और जहां नीतियाँ निर्धारित की जाती हैं।

यद्यपि प्रारंभ में यह निजी स्वमित्व वाला था, 1949 में राष्ट्रीयकरण के बाद से इस पर भारत सरकार का पूर्ण स्वमित्व है।

प्रस्तावना

अल्पकालीन वित्त के स्त्रोत

अल्पकालीन वित्त के स्त्रोत

1 बैंक साख

*ऋण व अग्रिम

*नकद साख:- जमानत के आधार पर

*साख सीमा:- एक निश्चित सीमा तक उधार लेना संभव है

*बैंक अधिविकर्ष:- चालू खाते में जमा राशि से अधिक राशि अहारित करना एक निश्चित सीमा तक केवल

*बिलों को बट्टे पर भुनना:- बिल की राशि से कुछ राशि काटकर व्यवसायी के खाते में जमा करवाना तथा उस बिल की परिपक्वता पर बैंक द्वारा देनदार से भुगतान प्राप्त करना

2 व्यापारिक साख 

उधार में कच्चे माल अन्य वस्तुओं या सेवा आदि का क्रय

3 ग्राहको से अग्रिम 

बैंकों ने घटा दीं जमा दरें

बैंकों ने घटा दीं जमा दरें

आरबीआई द्वारा मंगलवार को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती के बाद कुछ बैंकों ने अपनी जमा दरें घटा दी हैं। अन्य बैंकों के भी जल्द ऐसा ही करने की संभावना है। आरबीआई ने कल अपनी नीतिगत समीक्षा में रीपो दर 25 आधार अंक घटाई थी। रीपो दर वह दर होती है, जिस पर बैंक आरबीआई से पैसा उधार लेते हैं। सरकारी क्षेत्र के पंजाब नैशनल बैंक ने चुनिंदा परिपक्वता अवधि वाली घरेलू सावधि जमाओं पर ब्याज दर 25 आधार अंक घटाई है। नई दरें 8 जून से लागू हो जाएंगी। वहीं निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की जमाओं पर दरें 15 से 30 आधार अंक कम की हैं। देश के सबसे बड़े बैंक भारत

Preface First

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