पार्षद सीमानियम एवं पार्षद अन्तेर्नियम

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पार्षद सीमानियम (memorandum)

-पार्षद सीमा नियम से आशय उस नियम से है जो मूलतः कम्पनी अधिनियम के आधार पर तैयार किया गया है इस पर समय  - समय पर परिवर्तनहोते है यह कम्पनी का जन्मपत्र होता हो इसमें कम्पनी के रूपरेखा उसका कार्यक्षेत्र उसकी पूँजी सी सीमा निर्धारित कर दी जाती है 

 1- Name of Company                                  (Last word is Ltd.)

 2-Address                                                 (Where is Head office )

 3- Object of Company                                (Nature of work)

 4- Capital of Company 

5- Liabilities of Director or Member

 

 

पार्षद अन्तेर्नियम (Article)

- कम्पनी एक विधान के द्वारा निर्मित होती है अतैव कम्पनी के सदस्यों , अंशधारियों के हितों की रक्षा अति आवश्यक है अन्तेर्नियम के अन्दर उल्लेखित विषय निम्न प्रकार है 

 1)      कम्पनी की पूँजी के प्रकार व विभाजन 
 2)       अंशों पर डे रकम की मांग करने का अधिकार 
 3)      पूँजी प्रदातों के अधिकार 
 4)     अंशों की बिक्री एवं कमीशन के नियम 
 5)     अंशों के हस्तान्तरण का नियम 
 6)     अंशों का अपवर्तन का नियम 
 7)      संचालकों की संख्या ,उनकी योग्यता,कर्तव्य , अधिकार ,एवं पारिश्रमिक 
 8)      प्रबंध संचालकों के अधिकार एवं कर्तव्य 
 9)       बैठकों का कार्यक्रम एवं बैठक सम्बन्धी नियम 
 10)       सदस्यों के मताधिकार , सूचनाएँ , नाममुद्रा का प्रयोग सम्बन्धी नियम 
 11)      बहीखात एवं अन्य लेखों के नियम 

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