भारतीय स्टेट बैंक - कार्य एवं कर्तव्य

भारतीय स्टेट बैंक

भारतीय स्टेट बैंक - कार्य एवं कर्तव्य

संबंधित जानकारी के लिए आम जनता बैंक की वेबसाइट में हमारे बारे में , भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 एवं संगठनात्मक संरचना खंड देखे।

शाखाओं में कार्यरत बैंक के सहायक प्रबंधक से उप महाप्रबंधक श्रेणाी तक के सभी अधिकारियों को उनके पद के आधार पर कतिपय वित्तीय अधिकार दिए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के अधिकारियों को वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन का निर्णय केंद्रीय बोर्ड द्वारा किया जाता है। संगठन की जरूरतों एवं सरकार/भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के आधार पर समय-समय पर इन अधिकारों में संशोधन किया जाता है।

कोई ऋण संस्वीकृत किया जाए अथवा नहीं, यह बैंक के संबंधित संस्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी का विवेकाधिकार होता है। प्रत्येक मामले के संबंधित तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखने के बाद इस विवेकाधिकार का प्रयोग किया जाता है। आम जनता कोई अन्य जानकारी के लिए भारतीय स्टेट बैंक सामान्य विनियम 1955 भी देख सकती है।

 

भारतीय स्टेट बैंक में पर्यवेक्षण एवं उत्तरदायित्व के स्तर सहित निर्णयन-प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली कार्यविधि

 

निर्णयन-प्रक्रिया के मामले में बैंक में एक सुपरिभाषित प्रणाली मौजूद है। शाखा के सहायक प्रबंधक (ऋण) से लेकर उप महाप्रबंधक तक विभिन्न स्तरों पर वित्तीय निर्णय लिए जाते हैं। इन स्तरों से भिन्न निर्णय समिति के माध्यम से लिए जाते हैं। शाखाओं को विपणन इकाइयों के रूप में पुन: स्थापित करने के लिए कतिपय सीमा तक वैयक्तिक एवं लघु उद्योग व्यवसाय खंडों के अंतर्गत ऋणों की संस्वीकृति हेतु केंद्रीकृत ऋण प्रस्ताव कार्रवाई कक्षों का गठन किया जा रहा है। शाखाएँ आवेदन अपने पास रखेंगी तथा वे उन्हें संबंधित ऋण प्रस्ताव कार्रवाई कक्षों को उनके विचारार्थ अथवा अन्य कार्रवाई के लिए भेजेंगी।

इसके अलावा, एक सुपरिभाषित संगठनात्मक संरचना एवं उत्तरदायित्व की सुस्पष्ट प्रणाली मौजूद है जो भारतीय रिज़र्व बैंक/केंद्रीय सतता आयोग के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखती है। प्रत्येक अधिकारी को अधिकारों के प्रत्यायोजन की योजना के अनुसार ऋण-प्रस्तावों पर विचार कर निर्णय लेना होता है। सभी संस्वीकृत ऋणों की सूचना नियंत्रण के प्रयोजन से उच्चतर प्राधिकारी को देनी होती है। अधिकारों के प्रत्यायोजन की उचित प्रणाली एवं नियंत्रण विवरणियों की प्रस्तुति पर नियंत्रकों द्वारा नजर रखी जाती है एवं यह कार्य लेखा-परीक्षा के माध्यम से भी किया जाता है।

कार्य-निष्पादन के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा निर्धारित मानदंड

कारपोरेट केंद्र विभिन्न समयावधियों की जमाराशियों के लिए बैंक द्वारा दी जाने वाली दरें निर्धारित करता है जिन्हें बैंक की वेबसाइट एवं शाखाओं में प्रदर्शित किया गया है।

अग्रिमों के मामले में कारपोरेट केंद्र विभिन्न ऋण उत्पाद शुरू करने के बारे में निर्णय लेता है। इन उत्पादों का विवरण बैंक की वेबसाइट एवं शाखाओं में उपलब्ध है। कारपोरेट केंद्र विभिन्न अग्रिमों की ब्याज दरें भी निर्धारित करता है जो बैंक की वेबसाइट तथा बैंक के कार्यालयों/शाखाओं में उपलब्ध है।

कोई ऋण संस्वीकृत किया जाए अथवा नहीं, यह बैंक के संबंधित संस्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी का विवेकाधिकार होता है। प्रत्येक मामले के संबंधित तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रख कर इस विवेकाधिकार का प्रयोग किया जाता है।

संबंधित उत्पादों पर विस्तृत जानकारी के लिए बैंक की वेबसाइट के शीर्षक

  • वैयक्तिक बैंकिंग
  • कृषि/ग्रामीण
  • अनिवासी भारतीय सेवाएँ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • कारपोरेट बैंकिंग
  • सेवाएँ
  • सरकारी एजेंसियाँ
  • सरकारी एजेंसियाँ

कर्मचारियों द्वारा विभिन्न कार्यों के निष्पादन हेतु कई दस्तावेज, यथा - मैनुअल, अनुदेश-पुस्तिका, कोडीकृत परिपत्र, अधिकारों के प्रत्यायोजन की योजना, बोर्ड की कार्यवाही आदि तथा आवधिक परिपत्रों का उपयोग किया जाता है।

उन दस्तावेजों की श्रेणी का विवरण जो भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अथवा उसके नियंत्रणाधीन रखे जाते हैं

ये मूलतया शेयरधारकों के रजिस्टर/वार्षिक महासभाओं की कार्यवाहियों के अभिलेख, बोर्ड तथा विभिन्न समितियों की बैठकें,ग्राहकों/उधारकर्ताओं/गारंटीकर्ताओं द्वारा निष्पादित दस्तावेज, तृतीय पक्ष के साथ ठेके/आदि हैं।

भारतीय स्टेट बैंक में नीति-निर्धारण अथवा उसके कार्यान्वयन के संबंध में आम जनता के परामर्श अथवा उनके प्रतिनिधित्व से यदि कोई व्यवस्था की गई हो तो उसका विवरण वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शेयरधारक नीतियों से संबंधित मामले वार्षिक महासभाओं में उठा सकते हैं जो बैंक की नीतियों से संबंधित हो।

इसके अलावा, आम जनता एवं शेयरधारकाें की सूचना के लिए बैंक के तिमाही परिणाम एवं वार्षिक परिणाम/रिपोर्ट समय-समय पर बैंक की वेबसाइट में प्रकाशित की जाती हैं। इनसे बैंक की नीतियों एवं उनके कार्यान्वयन की जानकारी मिल जाती है। आम जनता और अधिक जानकारी के लिए बैंक की वेबसाइट में वित्तीय परिणाम/समेकित वित्तीय विवरण/वार्षिक रिपोर्ट/शेयरधारकों से संबंधित जानकारी देख सकती है।

भारतीय स्टेट बैंक में बैंक के अंतर्गत अथवा उसकी सलाह के लिए गठित बोर्डों, परिषदों, समितियों तथा अन्य निकायों का विवरण जिसमें दो अथवा दो से अधिक सदस्य हाें, तथा क्या इन बोर्डों, परिषदों, समितियों तथा अन्य निकायों की बैठकों अथवा ऐसी बैठकों के कार्य-विवरण आम जनता के लिए उपलब्ध है या नहीं।

बैंक ने अलग-अलग कार्यों के लिए विभिन्न समितियाँ गठित की हैं। बैंक के प्रमुख कार्यों के संचालन के लिए गठित कुछ महत्त्वपूर्ण समितियाँ निम्नानुसार हैं:

(क) जोखिम प्रबंधन समिति
(ख) ऋण जोखिम प्रबंधन समिति
(ग) आस्ति-देयता प्रबंधन समिति
(घ) परिचालन जोखिम प्रबंधन समिति
(ड.) लेखा परीक्षा समिति
(च) केंद्रीय प्रबंधन समिति
(छ) केंद्रीय तथा स्थानीय बोर्ड