राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न १. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) क्या है ?
उत्तर : राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण प्रणाली (एनईएफटी) एक राष्ट्रव्यापी निधि अंतरण प्रणाली है जो एक बैंक शाखा से किसी अन्य बैंक शाखा में निधियों का अंतरण करने की सुविधा देती है. 

प्रश्न २. क्या प्रणाली में सभी बैंक शाखाएँ निधि अंतरण नेटवर्क का हिस्सा होती हैं ? 
उत्तर : नहीं. ३१ जनवरी, २००७ तक ५३ बैंकों की १८५०० शाखाएँ इसमें भाग ले रही थीं. बैंकों और शाखाओं, दोनों के इस दायरे को बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. 

प्रश्न ३. क्या यह प्रणाली किसी केन्द्र-विशेष से ज़ुडने वाली होती है अथवा इसकी कोई भौगोलिक सीमा होती है. 
उत्तर : नहीं. देश के अंदर किसी केन्द्र पर या किसी भोगोलिक क्षेत्र पर कोई प्रतिबंध नहीं है. यह प्रणाली केन्द्रीकृत लेखांकन प्रणाली एवं बैंक-लेखा की अवधारणा का उपयोग करती है, जो कि निधि अंतरण अनुदेश भेजती हैं और प्राप्त करती है और एक ही केन्द्र अर्थात् मुंबई में परिचालनीय होती है. एनईएफटी में भाग लेने वाली किसी भी शाखा को पूरे देश में कहीं भी ढूँढा जा सकता है, जिसका विस्तृत विवरण हमारे वेबसाइट पर दी गई सूची में उपलब्ध है. 

प्रश्न ४. हिताधिकारी को निधि उपलब्धता की समय-सीमा क्या है ? 
उत्तर : निपटान के समय के अनुरूप हिताधिकारी को उसी दिन अथवा दूसरे दिन जमा प्राप्त हो जाता है.

प्रश्न ५. एनईएफटी प्रणाली कैसे कार्य करती है ? 

चरण १ : प्रेषक व्यक्ति हिताधिकारी के विवरण (बैंक-शाखा, हिताधिकारी का नाम, खाता का स्वरूप और खाता संख्या) देते हुए एनईएफटी आवेदन पत्र भरता है और प्रेषक के खाते में नामे करवाते हुए हिताधिकारी को विनिर्दिष्ट राशि भेजने हेतु शाखा को प्राधिकृत करता है. (यह कार्य कुछ बैंकों द्वारा दी जाने वाली नेट बेंकिंग सेवाओं का उपयोग करते हुए भी किया जा सकता है) 

चरण २ : प्रेषक शाखा संरचनाकृत वित्तीय संदेश समाधान (एसएफएमएस) तैयार करती है और इसे एनईएफटी के लिए अपने सेवा केन्द्र में भेज देती है. 

चरण ३ : सेवा केन्द्र उस एसएफएमएस को आगामी उपलब्ध निपटान में शामिल करने हेतु उसे स्थानीय भारतीय रिजर्व बैंक (राष्ट्रीय समाशोधन कक्ष, मुंबई) को अग्रसारित कर देता है. वर्तमान में, एनईएफटी का निपटान सप्ताह के दिनों में छ: समूहों में ०९.३०, १०.३०, १२.००, १३.०० १५.०० और १६.०० बजे तथा शनिवार को ०९.३०, १०.३० और १२.०० बजे होता है. 

चरण ४ : समाशोधन केन्द्र में भारतीय रिजर्व बैंक, प्रणाली में भाग ले रहे बैंकों द्वारा पारित होने के लिए बैंकवार लेन-देन की छँटाई करता है तथा निवल नामे और जमा की लेखा प्रविष्टियाँ तैयार करता है. उसके बाद, बैंकवार प्रेषण संदेश बैंकों को भेज दिए जाते हैं. 

चरण ६ : प्राप्तकर्ता बैंक भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त प्रेषण संदेशों की प्रक्रिया करता है एवं हिताधिकारियों के खाते में जमा दे देता है. 

प्रश्न ६. यह एनईएफटी प्रणाली वर्तमान आरबीआई-ईएफटी प्रणाली में सुधार कैसे है ? 
उत्तर : आरबीआई-ईएफटी प्रणाली १५ केन्द्रों तक सीमित है जहाँ भारतीय रिजर्व बैंक यह सुविधा दे रहा है जबकि एनईएफटी में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है क्योंकि यह केन्द्रीकृत अवधारणा पर आधारित है. एनईएफटी प्रणाली में भाग लेने वाले विभिन्न बैंकों की शाखाओं की विस्तृत सूची हमारे वेबसाइट पर उपलब्ध है. यह प्रणाली संचार, सुरक्षा आदि के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का प्रयोग करती है और उसके द्वारा बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करती है. 

प्रश्न ७. यह आरटीजीएस एवं ईएफटी से कैसे भिन्न है ? 
उत्तर : एनईएफटी एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली है जो देश के एक हिस्से से देश के किसी दूसरे हिस्से में निधियों का अंतरण करती है और यह आरटीजीएस से अलग अर्थात् नेट निपटान पर कार्य करती है किन्तु आरटीजीएस सकल निपटान पर कार्य करती है तथा ईएफटी केवल १५ केन्द्रों तक ही सीमित है जहाँ भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालय अवस्थित हैं. 

प्रश्न ८. क्या इसमें व्यक्तिगत लेन-देन की कोई सीमा है ? 
उत्तर : इसमें व्यक्तिगत लेन-देन के लिए कोई मूल्य-सीमा नहीं है. 

प्रश्न ९. प्रक्रिया शुल्क और सेवा प्रभार के बारे में बताइए. 
उत्तर : भारतीय रिजर्व बैंक ने ३१ मार्च, २००८ तक प्रक्रिया शुल्क को हटा दिया है जबकि बैंकों द्वारा लगाया जाने वाला उगाही शुल्क संबंधित बैंकों के विवेक पर छोड़ दिया गया है. बैंकवार उगाही शुल्कों के विस्तृत विवरण भारतीय रिजर्व बैंक के वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. 

प्रश्न १०. मैं कैसे जानूंगा कि कौन-कौन शाखाएँ एनईएफटी में भाग ले रही हैं ? 
उत्तर : भारतीय रिजर्व बैंक एनईएफटी में भाग लेने वाली बैंक-शाखाओं की सूची अपने वेबसाइट अर्थात् www.rbi.org.inपर प्रकाशित करता है. 

प्रश्न ११. आईएफएस कोड (आईएफएससी) क्या है ? यह एमआईसीआर कोड से भिन्न कैसे है ? 
उत्तर : भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी) भारत में बैंक-शाखाओं की विशिष्ट पहचान के लिए डिजाइन किया गया एक अल्फा-न्यूमेरिक कोड है. यह ११ अंकों का कोड होता है जिसके प्रथम चार अंक बैंक कोड का प्रतिनिधित्व करते हैं, अगला अंक नियंत्रण अंक (वर्तमान में पाँचवें क्रम पर ० के रूप में प्रकट रहता है) के रूप में आरक्षित है और शेष ६ अंक शाखा की पहचान करने के लिए होते हैं. एमआईसीआर कोड में ९ अंक होते हैं जो बैंक-शाखा की पहचान कराते हैं. 

प्रश्न १२. मैं यह कैसे जानूंगा कि मेरी बैंक-शाखा का आईएफएस कोड क्या है ? 
उत्तर : भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को उनके द्वारा अपने ग्राहकों को जारी किए गए चेकों पर आईएफएससी कोड मुद्रित करने की सलाह दी हुई है. आप भी अपनी बैंक-शाखा से संपर्क कर सकते हैं और इस तरह उस शाखा का आईएफएस कोड प्राप्त कर सकते हैं. 

प्रश्न १३. हिताधिकारी के खाते में जमा नहीं मिलने अथवा जमा होने में देरी होने पर मैं किससे संपर्क कर सकता हँू? 
उत्तर : आप अपने बैंक / शाखा से संपर्क करें. यदि समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक के ग्राहक सेवा विभाग से निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं :- 

मुख्य महाप्रबंधक
भारतीय रिजर्व बैंक
ग्राहक सेवा विभाग
प्रथम तल, अमर बिल्डिंग,
फोर्ट,
मुंबई - ४०० ००१

अथवा यहाँ क्लिक करते हुए एक ई-मेल भेजें. 

प्रश्न १४. क्या एनईएफटी शुरू करने के लिए किसी बैंक खाता का होना अनिवार्य है ? 
उत्तर: हाँ, निधि अंतरण प्रणाली का लेखा रखने के लिए एनईएफटी ही खाता होता है. 

प्रश्न १५. क्या यह आवश्यक है कि गंतव्य बैंक-शाखा में हिताधिकारी का खाता होना ही चाहिए ? 
उत्तर : हाँ, निधि अंतरण प्रणाली का लेखा रखने के लिए एनईएफटी ही खाता होता है. 

प्रश्न १६. क्या मैं एनईएफटी के माध्यम से विदेशी धन प्राप्त कर सकता हूँ ? 
उत्तर : इस प्रणाली का उपयोग केवल देश के अंदर भाग लेने वाले बैंकों के बीच भारतीय रुपए भेजने के लिए किया जा सकता है. 

प्रश्न १७. क्या मैं एनईएफटी का उपयोग करते हुए रुपए विदेश में भेज सकता हूँ ? 
उत्तर : नहीं. 

प्रश्न १८. क्या मैं अन्य खाते से निधियाँ प्राप्त करने के लिए लेन-देन शुरू कर सकता हूँ ? 
उत्तर : नहीं. 

प्रश्न १९. क्या मैं एनआरआई खाते में / से निधियाँ प्राप्त कर / भेज सकता हूँ ? 
उत्तर : हाँ, बशर्ते एफ्ईएमए के प्रावधानों की प्रयोजनीयता के अधीन हो. 

प्रश्न २०. क्या ग्राहक, हिताधिकारी को जमा दिए गए रुपयों की पावती प्राप्त करता है ? 
उत्तर : नहीं, तथापि ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पावती उत्पन्न हो जाती है कि प्राप्तकर्ता शाखा में हिताधिकारी द्वारा रुपए प्राप्त कर लिए गए हैं. 

प्रश्न २१. यदि रुपए हिताधिकारी के खाते में जमा नहीं होते हैं तो क्या भेजने वाले ग्राहक को वे वापस मिल जाते हैं ? 
उत्तर : हाँ, जब हिताधिकारी के खाते में रुपए जमा नहीं होते हें तो वे भेजने वाले ग्राहक को वापस मिल जाते हैं. 

प्रश्न २२. एनईएफटी की सेवा खिड़की किस समय तक उपलब्ध रहती है ? 
उत्तर : सप्ताह के दिनों में ०९.३०, १०.३०. १२.००, १३.००, १५.०० एवं १६.०० बजे कुल छ: निपटान होते हैं जबकि शनिवार को ०९.३०, १०.३० तथा १२.०० बजे निपटान होते हैं. 

प्रश्न २३. वह क्या आवश्यक सूचना है जिसे भेजने वाले ग्राहक द्वारा धन-प्रेषण संपन्न करने हेतु प्रस्तुत किया जाता है ? 
उत्तर : भेजनेवाले ग्राहक द्वारा प्रस्तुत की जानेवाली सूचनाएँ इस प्रकार हैं :

  • हिताधिकारी के विस्तृत विवरण जैसे कि हिताधिकारी का नाम और खाता संख्या
  • हिताधिकारी की बैंक शाखा का नाम एवं आईएफएससी कोड

प्रश्न २४. क्या कोई ऐसा तरीका है कि प्रेषक ग्राहक प्रेषण लेन-देन का पता कर सके ? 
उत्तर : प्रेषक ग्राहक केवल प्रेषक शाखा के माध्यम से प्रेषण लेन-देन का पता कर सकता है क्योंकि प्रेषक शाखा को प्रेषण लेन-देन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाता है.