सफलता के लिए क्या करें क्या न करें

जीवन में सफलता की बुलंदी पर हर इंसान पहुंचना चाहता है लेकिन हर कोई इसे हासिल नहीं कर पाता है। असफल होने के कई कारण है, जिनमें से एक जीवन में सही ढंग से प्लानिंग का न होना है। हम यहां आपको सफलता के कुछ मंत्र बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप भी जीवन में सफल बन सकते हैं...

पहले अपना लक्ष्य तय करें
बिना लक्ष्यों के जीवन ठीक उसी तरह है जैसे दिशा के बगैर हवा। अगर आप जीवन में लक्ष्य तय नहीं करते हैं तो आप भले ही कितने मेहनती क्यों न हों लेकिन सफलता से आप वंचित रह सकते हैं। इसलिए सबसे पहले लक्ष्य तय करें और उनमें भी प्राथमिकता तय करें कि पहले किस लक्ष्य को हासिल करना है, उसके बाद किसे.....

अपने काम को ढंग से दें अंजाम
आपको अपने काम को छोटे-छोटे टास्क में बांट लेना चाहिए। इस तरह से कितना बड़ा काम भी आपको मुश्किल नहीं लगेगा और आसानी के साथ आप उसे अंजाम तक पहुंचा सकेंगे।

समय का सही इस्तेमाल करें
आपको अपने काम को छोटे-छोटे टास्क में बांट लेना चाहिए। इस तरह से कितना बड़ा काम भी आपको मुश्किल नहीं लगेगा और आसानी के साथ आप उसे अंजाम तक पहुंचा सकेंगे।

अपने काम में प्रशिक्षित हों
आप अपने काम में जितना अधिक प्रशिक्षित होंगे उतना अधिक ही आप किसी भी स्थिति के लिए तैयार होंगे और स्थिति को काबू में कर सकेंगे। इसलिए आपको अपने काम के संबंध में हमेशा अपनी जानकारी को बढ़ाते रहने की आवश्यकता है जिससे कि आप काम की मांगों को सही से पूरा कर सकें।

काम के बीच में अवकाश लें
लम्बे समय तक काम करने से आप शारीरिक और मानसिक रूप से थकावट महसूस कर सकते हैं। इससे आप की प्रॉडक्टिविटी पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए काम के बीच में छुट्टियां लें और बाहर घूमने जाएं इससे आपके अंदर नई एनर्जी आएगी और प्रॉडक्टिविटी में भी इजाफा होगा।

अपने काम का खुद को इनाम दें
जीवन की भागदौड़ में हम अपनी छोटी उपलब्धियों पर खुद को इनाम देने से चूक जाते हैं। अपने आप को प्रेरित करने और अपनी उपलब्धि पर प्रसन्नता महसूस करने के लिए, आपको अपने आप को इनाम देना चाहिए। यह इनाम कहीं के टूर या कोई गैजेट खुद के लिए खरीदने के रूप में हो सकता है।

स्वास्थ्य पर ध्यान दें
आप जब स्वस्थ होंगे तभी काम सही कर सकेंगे। इसलिए आपको अपने सेहत पर ध्यान देना चाहिए। खान-पान से लेकर एक्सरसाइज हर चीज पर ध्यान देने की जरूरत है। इससे आप फिट और स्वस्थ रहेंगे।

पॉजिटिव, उत्साही और धैर्यवान बनें
जब आप काम करते हैं तो कई बार आप सफल होते हैं और कई बार असफल। सफलता पर अति उत्साहित न हों और असफल होने पर धैर्य न खोएं। जीवन में सफलता और असफलता, दोनों का सामना करना पड़ता है। किसी बात की फिक्र किए बगैर जीवन में आगे बढ़ने की सोचते रहें।

अपने काम से प्यार करें
जब तक आप किसी काम को दिल लगाकर नहीं करेंगे तब तक आप सफल नहीं हो सकते हैं। आपको अपने काम को दिल में और दिल को काम में लगाए रखना चाहिए।

यात्रा से आनंद उठाएं
यात्रा मुश्किल, लंबी और थकाने वाली हो सकती है लेकिन निश्चय ही यह आनंदायक होती है। इसलिए यात्रा से आनंद उठाएं और फिर आकर अपने काम में जुट जाएं।

कुछ बनना है तो छोड़ दें ये 10 आदतें

अगर आप जीवन में सफलता हासिल करना चाहते हैं, तो कुछ आदतों से दूरी बनानी होगी। आइए जानते हैं वे कौन सी आदतें हैं जो आपकी सफलता की राह में बाधा बन रही हैं...

टालमटोल
कई बार हम जरूरी मौकों पर टालमटोल कर जाते हैं। जो काम हमें तुरंत करने होते हैं उन्हें कल-परसों पर छोड़ देते हैं। वक्त अमूल्य होता है, उसका सही उपयोग बहुत जरूरी है।

हारने का डर
किसी फिल्म का एक डायलॉग है- 'हारने का डर और जीतने की उम्मीद, इन दोनों के बीच का वक्त कमाल का होता है।' कई बार हम अपनी मेहनत को डर के कारण ठीक ढंग से लागू नहीं कर पाते, जिससे बचना चाहिए।
कंफर्ट
हमें सबसे अच्छा लगता है कंफर्ट। कंफर्ट जोन में आकर हम अक्सर न सिर्फ अपनी मेहनत बल्कि करियर को लेकर दिल-दिमाग में आए बेहतरीन विचार भी खो देते हैं।

शक और संदेह
कभी-कभी हम दूसरों या खुद के लिए मन में शक पाल लेते हैं। हम अच्छे हैं या नहीं? दूसरा मेरा काम बिगाड़ने की फिराक में तो नहीं? इस तरह की आदत से बचना चाहिए।

शर्म और संकोच
कई बार प्रफेशनल जिंदगी में हम शर्म और संकोच से भर जाते हैं। अपनी बात ठीक से दूसरे के सामने रख नहीं पाते। धीरे-धीरे वह शर्म हमारे काम को प्रभावित करने लगती है।

आलस
कहते हैं 'नो पेन, नो गेन'। यदि जिंदगी में कुछ कर गुजरना है तो मेहनत के साथ-साथ कमिटमेंट भी ज़रूरी है। आप वक्त की कद्र नहीं करेंगे तो वक्त भी आप की कद्र करने से पीछे हट सकता है।

खुद को नजरंदाज कर दूसरों के गुणगान
जीवन में कुछ बेहतर करने के लिए जरूरी है कि आप खुद को भी प्रेरित करें। आप जिन्हें आदर्श मानते हैं, उन्हें इस हद तक खुद पर हावी ना होने दें कि आप अपनी पहचान, अपना महत्व ही खो दें।

रूटीन से हटकर
अपने लक्ष्य पूरा करने के लिए इस तरह जुट जाएं कि आपका बना-बनाया रूटीन उसमें बाधक ना हो। यदि आप बंधे-बंधाए चक्र में कैद रह जाएंगे तो आपके सपने अधूरे रहने के चांस बढ़ते जाएंगे।

आलोचना से घबराएं नहीं
कई बार हम अपनी तारीफें सुनकर तो बेहद खुश हो जाते हैं पर आलोचना होते ही कई बार आलोचकों के बारे में अपनी राय नकारात्मक बना लेते हैं।

अपने मेंटर खुद भी बनें
प्रफेशनल जिंदगी में कोई भी मेंटर आपको बिल्कुल स्कूल टीचर की तरह ट्रीट नहीं करता। अपनी कोशिशों को खुद भी मॉनिटर करें। आप पाएंगे कि आपकी गलतियां खुद ब खुद आपकी पकड़ में आ रहीं हैं।

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साभार  नवभारत टाइम्स