अंश पूँजी क्या है एवं कितने प्रकार की होती है

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पूँजी (capital) -  पूँजी से आशय उस राशि से है जिसका प्रयोग कम्पनी की चल अथवा अचल संपत्ति को क्रय करने के लिए किया जाता है  पूँजी के बिना किसी कम्पनी का व्यापर आरम्भ नही किया जा सकता है  दुसरे शव्दों में कह सकते हैं कि पूँजी किसी भी व्यवसाय की मेरुदण्ड होती है यह कम्पनी के पार्षद सीमा नियम में उल्लेखित होती है

 

अंश पूँजी (share capital ) -  पूँजी के छोटे- छोटे भाग को हम अंश कहते हैं  कम्पनी के अपनी  पूँजी एकत्रित करने के लिए कम्पनी अपनी पूँजी कोछोते - छोटे हिस्सों में बाँट देती है जिसमें प्रतेक हिस्से को अंश कहा जाता है 

पार्षद सीमानियम एवं पार्षद अन्तेर्नियम

पार्षद सीमानियम (memorandum)

-पार्षद सीमा नियम से आशय उस नियम से है जो मूलतः कम्पनी अधिनियम के आधार पर तैयार किया गया है इस पर समय  - समय पर परिवर्तनहोते है यह कम्पनी का जन्मपत्र होता हो इसमें कम्पनी के रूपरेखा उसका कार्यक्षेत्र उसकी पूँजी सी सीमा निर्धारित कर दी जाती है 

 1- Name of Company                                  (Last word is Ltd.)

 2-Address                                                 (Where is Head office )

कंपनी का आशय एवं प्रकार

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कंपनी का आशय

कम्पनी - कम्पनी अधिनियम द्वारा आयोजित सतत उत्त्रदिकर वाला एक व्यक्ति कृत्रिम व्यक्ति है जिसकी एक सर्वमान्य पहचान मुद्रा होती है इस प्रकार कम्पनी लाभ के उद्देश्य से खोली गई एक स्थायी संस्था है

जिसकी सदस्यों द्वारा दी गई एक संयुक्त पूँजी होती है जो अंशों में विभक्त होती है जिसका एक या अधिक अंश प्रतेक सदस्य के अधिकार में होता है

प्रो.अल्फ्रेड के अनुसार कम्पनी एक कृत्रिम व्यक्ति है जिसका निर्माण संविधान के द्वारा किया जाता है इसकी अपनी संयुक्त पूँजी होती है जो प्रायः छोटे-छोटे अंशों में बाटी होती है जो विधान मण्डल संचालक

जरा याद करले उनको ............................जो लौट कर घर न आये

जरा याद करले उनको ............................जो लौट कर घर न आये

 15 अगस्त 1947  से  पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे। उनके बढ़ते हुए अत्याचारों से सारे भारतवासी त्रस्त हो गए और तब विद्रोह की ज्वाला भड़की और देश के अनेक वीरों ने प्राणों की बाजी लगाई, गोलियां खाईं और अंतत: आजादी पाकर ही चैन ‍लिया।  पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे उनके बढ़ते हुए अत्याचारों से सारे भारतवासी त्रस्त हो गए और तब विद्रोह की ज्वाला भड़की और देश के अनेक वीरों ने प्राणों की बाजी लगाई, गोलियां खाईं और अंतत: आजादी पाकर ही चैन ‍लिया।इसी दिन हमने अत्याचारी ब्रितानी हुकूमत के बाद आजादी का पहला सूरज देखा था।  वह दिन  15 अगस्त 1947 था इस दिन हमारा देश आजाद हुआ, 

महान वैज्ञानिक डॉ कलाम को Daक्ष Carrer Point परिवार की श्रद्धांजलि

डॉ कलाम को  श्रद्धांजलि

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अब नहीं रहे। राष्ट्र ने वास्तविक भारत रत्न को खो दिया।भारत ने अपना मिसाइल मैन को खो दिया है। डॉ. कलाम एक सच्चे राष्ट्रभक्त और विज्ञान, शिक्षा और नैतिकता के दुर्लभ संयोजन थे।कलाम को देश के पूर्व राष्ट्रपति के तौर पर ही याद नहीं रखा जाएगा बल्कि उनकी मेहनत के लिए भी उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। कलाम हमेशा नौजवानों को प्रेरणा देने का काम करते रहेंगे। 

उनको शत शत नमन    

डॉ. राधा कान्त

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