पत्थर

पहाड़ों से प्राप्त होने बाला एक कठोर पदार्थ जो भवन निर्माण में प्रयुक्त होता है। इस शब्द का मूल संस्कृत शब्द पाषाण है।

पृथ्वी पर पानी की कहानी

पृथ्वी पर पानी की कहानी

हमारी आकाशगंगा में कई ख़त्म हो रहे तारे होते हैं जो क्षुद्र ग्रह के अवशेष होते हैं.

ठोस पत्थर के गोले के तौर पर ये किसी तारे पर गिर कर ख़त्म हो जाते हैं.

तारों के वायुमंडल पर नज़र रखने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक क्षुद्र ग्रह पत्थर के बने होते हैं, लेकिन इनमें काफ़ी पानी भी मौजदू होता है.

इस नतीजे के आधार पर इस सवाल का उत्तर मिल सकता है कि पृथ्वी पर पानी कहां से आया?

'शुद्र ग्रहों में ख़ासा पानी'