शिक्षा

कौन देता है शिक्षा?

कौन देता है शिक्षा?

भारत में सरकारी स्कूली शिक्षा के स्तर से सभी इतने मायूस हैं कि। प्राथमिक स्तर पर वही अभिभावक सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं जिनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। हो सकता है कि इस बात को खुले तौर पर मानने में सरकारी स्कूल के अध्यापकों को थोड़ी शर्म आए (जो पढ़ाने के नाम पर अच्छा-खासा वेतन उठाते हैं।) कि गरीब से गरीब आदमी की भी पसंद सूची में ये अंतिम पायदान पर हैं। आज विशेष रूप से स्कूल स्तर के अध्यापकों की हमारे समाज में कोई इज्जत नहीं है। समाज में गुरू के लिए कभी सम्मान का भाव रहा होगा पर आज वह महज एक वेतन भोगी है। गुरूजी के इस हाल पर बात करें उससे पहले एक नजर इन आंकडों पर जो ह

कमजोर नींव पर शिक्षा की इमारत

कमजोर नींव पर शिक्षा की इमारत

स्वस्थ व सफल शिक्षा व्यवस्था के लिए मजबूत प्राथमिक शिक्षा रूपी नींव आवश्यक है. वर्तमान में प्राथमिक शिक्षा मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित है.